अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर अपने मुखर अंदाज में NATO सहयोगी देशों पर निशाना साधा है। उन्होंने ईरान युद्ध में समर्थन न देने पर इन देशों को ‘कायर’ करार दिया है। ट्रम्प के इस बयान से अमेरिका और उसके सहयोगियों के बीच बढ़ते मतभेद साफ उजागर हो गए हैं, खासकर मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच।
मुख्य बिंदु
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान युद्ध में साथ न देने पर NATO देशों को ‘कायर’ कहा।
- ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका के बिना NATO ‘कागजी शेर’ है और होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखने में भी सहयोग नहीं कर रहे।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहरीन के किंग से बात कर वेस्ट एशिया के तनावपूर्ण हालात और ऊर्जा ठिकानों पर हमलों की निंदा की।
- ईरान ने दावा किया कि उसके खार्ग आइलैंड से तेल निर्यात बिना रुकावट के जारी है, जबकि इजराइल ने बसीज इंटेलिजेंस चीफ को मारने का दावा किया।
ट्रम्प का NATO पर बड़ा हमला: ‘कायर हैं, याद रखेंगे!’
हालिया घटनाक्रमों में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर अपने एक बयान से दुनिया भर में हलचल मचा दी है। उन्होंने NATO सदस्य देशों को ईरान युद्ध में अमेरिका का साथ न देने के लिए कड़ी फटकार लगाई है। ट्रम्प ने कहा कि यह गठबंधन अमेरिका के बिना ‘कागजी शेर’ जैसा है, जो केवल नाम का है।
उन्होंने लिखा, “वे परमाणु ताकत वाले ईरान को रोकने की लड़ाई में शामिल नहीं होना चाहते थे। अब जब यह लड़ाई सैन्य रूप से जीत ली गई है, तो वे तेल की ऊंची कीमतों की शिकायत कर रहे हैं।” यह बयान स्पष्ट रूप से सहयोगी देशों के प्रति उनकी गहरी नाराजगी को दर्शाता है।
ईरान युद्ध: अमेरिकी राष्ट्रपति की नाराजगी
ट्रम्प की नाराजगी इस बात पर भी है कि NATO देश परमाणु ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में शामिल नहीं हुए। उनके अनुसार, अब जब ईरान को सैन्य रूप से नियंत्रित कर लिया गया है, तो ये देश तेल की बढ़ती कीमतों पर चिंता व्यक्त कर रहे हैं। ट्रम्प का मानना है कि ऐसे समय में सहयोग की कमी स्वीकार्य नहीं है।
होर्मुज स्ट्रेट पर सहयोगी देशों की अनिच्छा
ट्रम्प ने होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखने के मुद्दे पर भी NATO देशों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह एक “बहुत आसान सैन्य कदम” है जिसमें “बहुत कम जोखिम” है, लेकिन सहयोगी देश इसमें भी मदद नहीं करना चाहते। उन्होंने जोर देकर कहा, “कायर हैं, और हम इसे याद रखेंगे।” यह बयान क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मार्गों की रक्षा में साझा जिम्मेदारी के प्रति अमेरिका की उम्मीदों को उजागर करता है। आप उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (NATO) के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के अन्य अहम अपडेट्स
मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ रहा है, और इसमें कई बड़े घटनाक्रम सामने आए हैं। इन घटनाओं का वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ रहा है।
PM मोदी की बहरीन के किंग से बातचीत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहरीन के किंग हमद बिन ईसा अल खलीफा से फोन पर बातचीत की। उन्होंने ईद-उल-फितर की शुभकामनाएं दीं और वेस्ट एशिया में चल रहे तनावपूर्ण हालात पर चर्चा की। पीएम मोदी ने क्षेत्र में ऊर्जा और नागरिक ठिकानों पर हो रहे हमलों की कड़ी निंदा की और होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षित शिपिंग की अहमियत पर जोर दिया। दोनों नेताओं ने शांति और स्थिरता बनाए रखने पर सहमति जताई।
ईरान का खार्ग आइलैंड से तेल निर्यात जारी
अमेरिकी हमलों के बीच ईरान ने दावा किया है कि उसके खार्ग आइलैंड से तेल सप्लाई बिना किसी रुकावट के जारी है। ईरान की संसद की नेशनल सिक्योरिटी और फॉरेन पॉलिसी कमेटी के प्रवक्ता ने कहा कि खार्ग आइलैंड पर पूरी सुरक्षा है और तेल निर्यात में कोई रुकावट नहीं है। यह आइलैंड ईरान के कुल कच्चे तेल निर्यात का लगभग 90% संभालता है, जिससे यह ईरान की अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इजराइल का दावा: बसीज इंटेलिजेंस चीफ ढेर
इजराइल ने दावा किया है कि उसने तेहरान में हुए एक हालिया एयरस्ट्राइक में ईरान की बसीज फोर्स के इंटेलिजेंस चीफ इस्माइल अहमदी को मार गिराया है। इजराइली सेना के मुताबिक, यह हमला तेहरान के सेंट्रल हिस्से में स्थित बसीज कमांड सेंटर पर किया गया था। हालांकि, ईरान की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
श्रीलंका ने अमेरिकी फाइटर जेट्स को उतरने नहीं दिया
एक अन्य महत्वपूर्ण घटना में, श्रीलंका ने मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिकी F-35 फाइटर जेट्स को अपने एयरबेस पर उतरने की अनुमति नहीं दी। यह कदम क्षेत्रीय देशों की तटस्थता बनाए रखने की कोशिशों को दर्शाता है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
ट्रम्प ने NATO देशों को ‘कायर’ क्यों कहा?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान युद्ध में परमाणु ताकत वाले ईरान को रोकने में NATO सहयोगी देशों द्वारा साथ न देने पर नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि सैन्य रूप से लड़ाई जीतने के बाद भी वे तेल की ऊंची कीमतों की शिकायत कर रहे हैं और होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखने जैसे आसान सैन्य कदम में भी मदद नहीं करना चाहते, जिसे उन्होंने ‘कायरता’ बताया।
पीएम मोदी ने बहरीन के किंग से क्या बातचीत की?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहरीन के किंग हमद बिन ईसा अल खलीफा से फोन पर बातचीत की। उन्होंने ईद-उल-फितर की शुभकामनाएं दीं और वेस्ट एशिया में चल रहे तनावपूर्ण हालात पर चर्चा की। पीएम मोदी ने ऊर्जा और नागरिक ठिकानों पर हमलों की निंदा की, होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षित शिपिंग पर जोर दिया और क्षेत्र में शांति व स्थिरता बनाए रखने पर सहमति व्यक्त की।
खार्ग आइलैंड ईरान के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
खार्ग आइलैंड ईरान के तेल निर्यात के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि देश के कुल कच्चे तेल निर्यात का लगभग 90% इसी द्वीप से होता है। यह ईरान की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, और इसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना ईरान के लिए प्राथमिकता है। अमेरिकी हमलों के बावजूद ईरान ने दावा किया है कि यहां से तेल सप्लाई बिना रुकावट के जारी है।