मुख्य बिंदु:
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान युद्ध में साथ न देने के लिए NATO सहयोगी देशों को ‘कायर’ बताया।
- ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका के बिना NATO सिर्फ ‘कागजी शेर’ है और होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा में भी सहयोगी पीछे हट रहे हैं।
- मध्य-पूर्व में तनाव जारी है: तेहरान में धमाके, सऊदी अरब द्वारा ड्रोन गिराए गए और सीरिया पर इजराइली हमले की निंदा हुई।
- ट्रम्प ने संकेत दिया कि अमेरिका ईरान में अपने सैन्य अभियान कम करने पर विचार कर रहा है, क्योंकि लक्ष्य लगभग हासिल हो गए हैं।
2026 में मध्य-पूर्व में बढ़ता तनाव और विशेषकर ईरान के साथ जारी संघर्ष दुनिया की सुर्खियों में है। इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने चिर-परिचित अंदाज में NATO के सदस्य देशों पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने ईरान युद्ध में साथ न देने के लिए इन सहयोगी देशों को ‘कायर’ करार दिया है और चेतावनी दी है कि अमेरिका इसे ‘याद रखेगा’। यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज हो रही हैं और वैश्विक तेल बाजार पर इसका असर पड़ने की आशंका है।
ट्रम्प का NATO पर तीखा हमला: ‘कायर’ और ‘कागजी शेर’
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान युद्ध 2026 को लेकर NATO देशों की भूमिका पर अपनी नाराजगी खुलकर व्यक्त की है। ट्रुथ सोशल पर उन्होंने लिखा, “वे परमाणु ताकत वाले ईरान को रोकने की लड़ाई में शामिल नहीं होना चाहते थे। अब जब यह लड़ाई सैन्य रूप से जीत ली गई है, तो वे तेल की ऊंची कीमतों की शिकायत कर रहे हैं।” ट्रम्प का यह बयान सीधे तौर पर उन देशों की ओर इशारा करता है, जो मध्य-पूर्व में स्थिरता बनाए रखने के अमेरिकी प्रयासों से पीछे हट रहे हैं।
उन्होंने NATO सहयोगी देशों को ‘कायर’ बताते हुए कहा, “अमेरिका के बिना यह गठबंधन सिर्फ कागजी शेर है।” ट्रम्प का मानना है कि सहयोगी देश अपनी जिम्मेदारियों से बच रहे हैं, खासकर जब बात महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की सुरक्षा की आती है।
होर्मुज स्ट्रेट और सहयोगी देशों की भूमिका
होर्मुज स्ट्रेट, वैश्विक तेल व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण जलमार्ग, हमेशा से ही मध्य-पूर्व में तनाव का केंद्र रहा है। ट्रम्प ने इस स्ट्रेट को खुला रखने के लिए सैन्य मदद न देने पर भी NATO देशों की आलोचना की। उन्होंने कहा, “यह बहुत आसान सैन्य कदम है, जिसमें बहुत कम जोखिम है, लेकिन वे मदद नहीं करना चाहते। कायर हैं, और हम इसे याद रखेंगे।” यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब अमेरिका अपने सैन्य अभियान को कम करने की बात कर रहा है, और ऐसे में सहयोगियों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
मध्य-पूर्व में बढ़ती सैन्य गतिविधियाँ और ताजा अपडेट्स
मध्य-पूर्व में स्थिति लगातार नाजुक बनी हुई है। विभिन्न देशों के बीच सैन्य झड़पें और आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। ईरान-इजराइल छद्म संघर्ष भी एक बड़ी चिंता का विषय है।
तेहरान में धमाके और वायु रक्षा प्रणाली
ईरान की राजधानी तेहरान में हाल ही में दो धमाकों की आवाज सुनी गई, जिसके बाद शहर में एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय कर दिया गया। हालांकि, इन धमाकों का कारण और स्थान अभी तक स्पष्ट नहीं है, लेकिन इस घटना ने क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है।
सऊदी अरब का ड्रोन मार गिराना
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने अपने पूर्वी इलाके में पांच और ड्रोन को मार गिराने की पुष्टि की है। इससे पहले भी इसी क्षेत्र में तीन ड्रोन गिराए गए थे, जो यह दर्शाता है कि सऊदी अरब लगातार हवाई खतरों का सामना कर रहा है। इन ड्रोनों के स्रोत का खुलासा नहीं किया गया है।
सीरिया पर इजराइली हमले की निंदा
कतर, जॉर्डन और मिस्र जैसे देशों ने दक्षिणी सीरिया पर इजराइल के हवाई हमलों की कड़ी निंदा की है। इन देशों ने इसे सीरिया की संप्रभुता का उल्लंघन और अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ बताया। इजराइल का कहना है कि यह कार्रवाई सीरिया के सुवैदा इलाके में ड्रूज नागरिकों पर हुए हमलों के जवाब में की गई है।
ईरान के तेल पर नया दावा
ईरान ने दावा किया है कि उसके पास अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेचने के लिए कोई अतिरिक्त कच्चा तेल नहीं है। ईरान के तेल मंत्रालय के प्रवक्ता समन घोड्दोसी ने अमेरिकी ट्रेजरी सचिव के उस बयान को खारिज किया जिसमें ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंधों में ढील देने की बात कही गई थी। यह दावा वैश्विक तेल आपूर्ति और कीमतों पर असर डाल सकता है।
अमेरिका के सैन्य अभियान कम करने की बात
डोनाल्ड ट्रम्प ने यह भी कहा कि अमेरिका ईरान में अपने सैन्य अभियान को कम करने पर विचार कर रहा है, क्योंकि उनके अनुसार, “अमेरिका अपने लक्ष्यों को हासिल करने के काफी करीब है।” उन्होंने फिर दोहराया कि होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा की जिम्मेदारी उन देशों को लेनी चाहिए जो इस पर अधिक निर्भर हैं।
इजराइल की बेरूत को चेतावनी
इस बीच, इजराइल ने लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी इलाकों के निवासियों को तुरंत वहां से निकलने की चेतावनी दी है। इजराइली सेना का कहना है कि वे इन क्षेत्रों में हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाएंगे, जिससे इस क्षेत्र में मानवीय संकट का खतरा बढ़ गया है।
मध्य-पूर्व में जारी यह भू-राजनीतिक उथल-पुथल वैश्विक शांति और अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। ट्रम्प के बयान NATO गठबंधन के भविष्य पर सवाल उठाते हैं और अमेरिका की विदेश नीति में संभावित बदलावों का संकेत देते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1: डोनाल्ड ट्रम्प ने NATO देशों पर क्यों नाराजगी जताई है?
डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान युद्ध में साथ न देने और होर्मुज स्ट्रेट जैसे महत्वपूर्ण जलमार्गों की सुरक्षा में सैन्य मदद न करने के लिए NATO देशों पर नाराजगी जताई है। उन्होंने उन्हें ‘कायर’ और ‘कागजी शेर’ कहा है।
Q2: होर्मुज स्ट्रेट क्यों महत्वपूर्ण है और ट्रम्प ने इसके बारे में क्या कहा?
होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल व्यापार के लिए एक प्रमुख जलमार्ग है। ट्रम्प ने कहा कि इसे खुला रखने के लिए सैन्य मदद देना आसान है लेकिन सहयोगी देश इसमें भी पीछे हट रहे हैं। उनका मानना है कि इसकी सुरक्षा उन देशों को करनी चाहिए जो इस पर ज्यादा निर्भर हैं।
Q3: अमेरिका क्या अपने सैन्य अभियान कम करने पर विचार कर रहा है?
हां, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिका ईरान में अपने सैन्य अभियान को कम करने पर विचार कर रहा है, क्योंकि उनके अनुसार, अमेरिका अपने लक्ष्यों को हासिल करने के काफी करीब है।