2026: ट्रंप के ईरान ऐलान से 900 अंक उछला शेयर बाजार, फिर क्यों पलटी बाजी?

मुख्य बिंदु

  • डोनाल्ड ट्रंप के ईरान पर हमले रोकने के ऐलान के बाद गिफ्ट निफ्टी 900 अंक उछला।
  • ईरान से लगातार हमलों की खबरों के बाद वैश्विक शेयर बाजारों में फिर हलचल हुई, गिफ्ट निफ्टी 350 अंक गिरा।
  • अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में लगभग 10% की भारी गिरावट दर्ज की गई।
  • एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुझान देखने को मिला, जापान, कोरिया, हांगकांग में तेजी रही।

2026 में एक ऐसा घटनाक्रम देखने को मिला जिसने वैश्विक बाजारों को हिलाकर रख दिया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान पर हमले न करने के अचानक ऐलान ने एक तरफ शेयर बाजारों में तूफानी तेजी लाई, तो वहीं दूसरी ओर ईरान से लगातार आ रही हमलों की खबरों ने निवेशकों की धड़कनें बढ़ा दीं। इस खबर के बाद तेल की कीमतों में भारी गिरावट भी दर्ज की गई, जिससे भारत जैसे तेल आयातक देशों के लिए उम्मीद की एक किरण जगी है। इस पूरी घटना ने ट्रंप ईरान शेयर बाजार के समीकरणों को बदल कर रख दिया।

ट्रंप का ईरान पर बड़ा ऐलान: क्या थी कहानी?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ईरान को 48 घंटों का अल्टीमेटम दिया, लेकिन सोमवार को अचानक एक बड़ा ऐलान करते हुए अगले 5 दिनों तक ईरान की ऊर्जा साइट्स पर हमला न करने की घोषणा कर दी। इस अप्रत्याशित बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक और आर्थिक गलियारों में हलचल मचा दी।

ट्रंप ईरान शेयर बाजार

शेयर बाजारों में अचानक हलचल

ट्रंप के इस बयान का तत्काल असर दुनियाभर के शेयर बाजारों में देखने को मिला। सोमवार को अमेरिकी ऐलान के बाद गिफ्ट निफ्टी झटके में 900 अंक उछल गया, जबकि डॉव जोन्स 1.38% की शानदार तेजी के साथ बंद हुआ। इस उछाल से भारतीय शेयर बाजार में भी मंगलवार को जबरदस्त रिकवरी की उम्मीद थी।

क्रूड ऑयल की कीमतों में भारी गिरावट

ट्रंप के हमले रोकने के बयान का सबसे बड़ा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों पर पड़ा। सोमवार को 112 डॉलर प्रति बैरल के पार चल रहा ब्रेंट क्रूड का भाव एकदम से करीब 10% गिरकर 102 डॉलर पर आ गया, वहीं WTI क्रूड भी 91 डॉलर पर ट्रेड कर रहा था। तेल की कीमतों में यह गिरावट भारत के लिए एक बड़ी राहत हो सकती है।

एशियाई बाजारों में मिला-जुला असर

हालांकि, ट्रंप के ऐलान के बावजूद ईरान में दनादन हमलों की खबर आने से शेयर बाजारों में हलचल फिर तेज होती नजर आई है। एशियाई बाजारों में कहीं तूफानी तेजी तो कहीं तगड़ी गिरावट देखने को मिली।

गिफ्ट निफ्टी की चाल बदली

जो गिफ्ट निफ्टी अचानक रॉकेट बना था, मंगलवार सुबह वह करीब 350 अंक की गिरावट में कारोबार करता देखा गया और 22,828 पर आ गया। यह अप्रत्याशित बदलाव निवेशकों के बीच चिंता का सबब बन गया।

जापान, कोरिया, हांगकांग में तेजी

गिफ्ट निफ्टी की चाल भले ही बदली हो, लेकिन दूसरी ओर जापान का निक्केई करीब 600 अंक की तेजी लेकर कारोबार कर रहा है। इसके अलावा हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स भी 400 अंक चढ़कर ट्रेड करता हुआ नजर आया। साउथ कोरिया के KOSPI में भी 1% से ज्यादा की उछाल देखने को मिली।

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भारतीय बाजार पर संभावित असर

विदेशी बाजारों में होने वाली हलचल भारतीय शेयर बाजार के लिए हमेशा संकेतक का काम करती है। सोमवार शाम को आई तेजी ने सेंसेक्स-निफ्टी में तगड़ी रिकवरी के ग्रीन सिग्नल दिए थे, वहीं गिफ्ट निफ्टी की अचानक बदली चाल ने हल्की चिंता बढ़ाई है।

निवेशकों के लिए संकेत

क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट और अन्य एशियाई बाजारों में तेजी से फिलहाल भारतीय बाजार के लिए सेंटीमेंट पॉजिटिव नजर आ रहा है। यह भारतीय अर्थव्यवस्था और निवेशकों के लिए एक अच्छा संकेत हो सकता है, जिससे बाजार में रौनक लौटने की संभावना है।

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ट्रंप के दावे पर ईरान और इजरायल का जवाब

एक्सपर्ट्स की मानें, तो अगर सही में ईरान और अमेरिका के बीच बात सकारात्मक दिशा में बढ़ती है, तो बाजारों में रौनक लौट सकती है। हालांकि, ईरान ने ट्रंप के इस दावे को ‘फेक न्यूज’ बताया है। वहीं, इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने भी साफ कहा है कि ईरान पर हमले पहले की तरह जारी हैं। यह स्थिति वैश्विक बाजारों के लिए अनिश्चितता बनी रहने का संकेत देती है।

(नोट- शेयर बाजार में किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।)

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

डोनाल्ड ट्रंप के ईरान पर ऐलान का तत्काल क्या असर हुआ?

डोनाल्ड ट्रंप के 5 दिन तक ईरान पर हमला न करने के ऐलान के बाद दुनियाभर के शेयर बाजारों में तेजी देखने को मिली। गिफ्ट निफ्टी 900 अंक उछल गया, जबकि डॉव जोन्स में 1.38% की वृद्धि हुई।

ईरान में हमलों की खबरों से शेयर बाजारों पर क्या प्रभाव पड़ा?

ट्रंप के ऐलान के बावजूद ईरान के गैस ग्रिड और पावर स्टेशन पर हमलों की खबर आने के बाद बाजारों में फिर हलचल हुई। जो गिफ्ट निफ्टी पहले उछला था, वह करीब 350 अंक की गिरावट में कारोबार करने लगा।

ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट क्यों आई?

ट्रंप के हमले रोकने के बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय मार्केट में क्रूड ऑयल की कीमतों में एकदम से करीब 10% की भारी गिरावट देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड का भाव 112 डॉलर से गिरकर 102 डॉलर पर आ गया, क्योंकि भू-राजनीतिक तनाव कम होने की उम्मीद बढ़ी थी।

भारतीय शेयर बाजार पर इन घटनाओं का क्या असर हो सकता है?

विदेशी बाजारों में मिला-जुला रुझान और क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट भारतीय बाजार के लिए सकारात्मक संकेत दे रही है। हालांकि, गिफ्ट निफ्टी की बदली चाल हल्की चिंता बढ़ाती है, पर कुल मिलाकर सेंटीमेंट अभी भी पॉजिटिव दिख रहा है।

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