2026: ‘धुरंधर 2’ विवाद: दीपक तिजोरी ने CBFC से पूछा कड़ा सवाल!

मुख्य बिंदु:

  • आदित्य धर की फिल्म ‘धुरंधर 2’ बॉक्स ऑफिस पर कर रही है जबरदस्त कमाई।
  • अभिनेता दीपक तिजोरी ने फिल्म में इस्तेमाल अपशब्दों पर सीबीएफसी की सेंसरशिप पर सवाल उठाए हैं।
  • उनका मानना है कि 18+ सर्टिफिकेशन के बाद भी आधी गालियां म्यूट क्यों की जाती हैं, जबकि आधी छोड़ दी जाती हैं।
  • सबसे बड़ी उलझन यह है कि वही फिल्म बाद में ओटीटी पर बिना किसी कट के रिलीज होती है, जिसे बच्चे भी देख सकते हैं।

फिल्म निर्माता आदित्य धर की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ ने रिलीज होते ही सिनेमाघरों में धमाल मचा दिया है। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ कमाई कर रही है और दर्शकों के बीच इसकी जबरदस्त धूम है। फिल्म की कहानी, एक्शन और कलाकारों के शानदार अभिनय की हर तरफ तारीफ हो रही है, लेकिन इस सफलता के बीच एक नया धुरंधर 2 विवाद भी जन्म ले चुका है। यह विवाद केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) की सेंसरशिप नीतियों से जुड़ा है, जिस पर अनुभवी अभिनेता दीपक तिजोरी ने तीखे सवाल उठाए हैं।

धुरंधर 2 विवाद

धुरंधर 2 का बॉक्स ऑफिस पर जलवा और बढ़ता विवाद

‘धुरंधर 2’ सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर ही नहीं, बल्कि दर्शकों के दिलों में भी अपनी जगह बना चुकी है। फिल्म ने अपनी दमदार कहानी और शानदार विजुअल्स के दम पर पहले ही हफ्ते में कई रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। रणवीर सिंह, अर्जुन रामपाल, आर. माधवन और संजय दत्त जैसे दिग्गजों ने अपनी भूमिकाओं को दोहराया है, जिससे फिल्म का क्रेज और बढ़ गया है।

फिल्म की इस अपार सफलता के साथ ही, एक बहस भी छिड़ गई है। यह बहस फिल्म में इस्तेमाल किए गए अपशब्दों और उन पर सीबीएफसी द्वारा लगाई गई सेंसरशिप से संबंधित है, जिसने दीपक तिजोरी जैसे अनुभवी अभिनेताओं को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है।

दीपक तिजोरी का CBFC पर सीधा हमला: इंस्टाग्राम पोस्ट

अभिनेता दीपक तिजोरी ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर करके सीबीएफसी की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने ‘धुरंधर पार्ट 2: द रिवेंज’ लिखी एक काली स्क्रीन की तस्वीर साझा करते हुए एक लंबा नोट लिखा। उनका सीधा निशाना फिल्म में इस्तेमाल हुई गालियां और उन पर सेंसरशिप के ‘दोहरे मापदंड’ पर था।

दीपक ने अपनी पोस्ट में कहा, “मुझे मानना पड़ेगा… शायद मुझसे कुछ छूट रहा है। शायद मेरे पास केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड या उसके बोर्ड सदस्यों जैसी बुद्धि नहीं है। क्योंकि मुझे सच में यह समझ नहीं आता कि आधी गालियों को म्यूट क्यों किया जाता है और आधी को रहने दिया जाता है?”

दीपक तिजोरी का इंस्टाग्राम पोस्ट यहां देखें।

क्या है गालियों की सेंसरशिप का रहस्य?

दीपक तिजोरी ने अपनी पोस्ट में इस बात पर जोर दिया कि कुछ जगहों पर गालियां पूरी तरह से म्यूट कर दी जाती हैं, जबकि कुछ जगहों पर उन्हें अधूरा छोड़ दिया जाता है। यह उलझन पैदा करता है कि आखिर सीबीएफसी किस आधार पर यह निर्णय लेता है। खासकर जब फिल्म को पहले से ही ’18+’ का प्रमाणन मिल चुका हो, जिसका सीधा अर्थ है कि यह फिल्म वयस्कों के लिए है।

उन्होंने सवाल किया, “तो आखिर हम यहां किसको बचा रहे हैं? और किससे… सिर्फ आधे शब्द से?” यह सवाल कई दर्शकों के मन में भी कौंध रहा है।

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ओटीटी पर अनम्यूट फिल्म: दीपक तिजोरी की सबसे बड़ी उलझन

दीपक तिजोरी की सबसे बड़ी उलझन तब और बढ़ जाती है जब वे इस बात का जिक्र करते हैं कि वही फिल्म, एक या दो महीने के भीतर, ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज हो जाती है। और सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ओटीटी पर यह फिल्म पूरी तरह से अनम्यूट और बिना किसी बदलाव के उपलब्ध होती है।

उन्होंने चिंता व्यक्त की, “बच्चे आराम से उसे घर पर परिवार के साथ बैठकर देखते हैं और सब कुछ साफ सुनाई देता है।” यह स्थिति सीबीएफसी की सेंसरशिप नीतियों पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती है। आखिर सिनेमाघरों में वयस्कों के लिए बनी फिल्म से कुछ शब्दों को हटाना कितना न्यायसंगत है, जब वही कंटेंट कुछ समय बाद बिना किसी रोक-टोक के हर किसी के लिए उपलब्ध हो जाता है?

आखिर CBFC क्या संदेश देना चाहता है?

दीपक तिजोरी ने सीबीएफसी के प्रमाणन पर सवाल उठाते हुए कहा कि एडल्ट के लिए सिनेमाघरों में किसी चीज को आधा म्यूट करना कितना समझदारी भरा है, जबकि वही चीज थोड़े दिनों बाद घर पर पूरी आवाज में सुनाई देती है?

इस पूरे धुरंधर 2 विवाद में, सीबीएफसी के प्रमाणन संबंधी बदलावों पर भी गौर करना जरूरी है। सूत्रों के अनुसार, सीबीएफसी ने कुल 21 सुझाव दिए थे, जिनमें से अधिकांश में अत्यधिक हिंसा के दृश्यों को कम करने की बात कही गई थी। हालांकि, गालियां और उनके म्यूटेशन पर यह दोहरा मापदंड अभी भी एक रहस्य बना हुआ है।

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धुरंधर फ्रेंचाइजी की सफलता और भविष्य

फिल्म ‘धुरंधर’ का पहला पार्ट दिसंबर 2025 में रिलीज हुआ था और वह उस साल एक भाषा में सबसे अधिक कमाई करने वाली फिल्म बनकर उभरी थी। ‘धुरंधर 2’ भी उसी सफलता की राह पर है। फिल्म की लोकप्रियता का एक कारण इसकी दमदार कहानी और शानदार कास्ट है।

इस फिल्म में ‘एलिसार’ (Ellisar) नामक एक रहस्यमयी किरदार का भी जिक्र है, जिसे आदित्य धर ने ‘सुपरस्टार’ बनाया है। विदेशी आवाज वाली इस यंग हसीना की कहानी ने भी दर्शकों का ध्यान खींचा है। हालांकि, मौजूदा धुरंधर 2 विवाद निश्चित रूप से फिल्म और सेंसरशिप के भविष्य पर नई बहस छेड़ेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

  • Q1: ‘धुरंधर 2’ पर दीपक तिजोरी ने क्या सवाल उठाए हैं?

    A1: अभिनेता दीपक तिजोरी ने ‘धुरंधर 2’ में इस्तेमाल की गई गालियों पर केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) की सेंसरशिप नीतियों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा है कि 18+ सर्टिफिकेशन के बावजूद आधी गालियां म्यूट क्यों की जाती हैं, जबकि आधी रहने दी जाती हैं, और वही फिल्म बाद में ओटीटी पर बिना किसी म्यूटेशन के रिलीज होती है।

  • Q2: ‘धुरंधर 2’ फिल्म के निर्देशक कौन हैं?

    A2: ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ फिल्म के निर्माता आदित्य धर हैं।

  • Q3: CBFC ने ‘धुरंधर 2’ में क्या बदलाव सुझाए थे?

    A3: केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) ने ‘धुरंधर 2’ में कुल 21 बदलाव सुझाए थे, जिनमें से अधिकांश अत्यधिक हिंसा के दृश्यों को कम करने से संबंधित थे।

  • Q4: ‘धुरंधर 2’ में मुख्य कलाकार कौन-कौन हैं?

    A4: ‘धुरंधर पार्ट 2’ में रणवीर सिंह, अर्जुन रामपाल, आर. माधवन और संजय दत्त ने अपनी भूमिकाओं को दोहराया है।

  • Q5: दीपक तिजोरी की उलझन का मुख्य बिंदु क्या है?

    A5: दीपक तिजोरी की मुख्य उलझन यह है कि जब फिल्म को सिनेमाघरों में 18+ सर्टिफिकेट मिलता है और उसमें कुछ गालियों को म्यूट किया जाता है, तो वही फिल्म कुछ समय बाद ओटीटी प्लेटफॉर्म पर बिना किसी म्यूटेशन के पूरी तरह से उपलब्ध क्यों हो जाती है, जिसे बच्चे भी घर पर देख सकते हैं।

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