मुख्य बिंदु
- 57 वर्षीय ट्रिश प्रॉसर एनल कैंसर के इलाज के छह साल बाद भी असहनीय पीड़ा झेल रही हैं।
- पेल्विक रेडियोथेरेपी के कारण उन्हें योनि संकुचन और लगातार दर्द जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
- ट्रिश समाज में एनल कैंसर से जुड़े स्टिग्मा को तोड़ना चाहती हैं और निजी समस्याओं पर खुलकर बात करने की वकालत करती हैं।
- यह दुर्लभ कैंसर मुख्य रूप से ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) के संक्रमण के कारण होता है।
- चिकित्सकों का मानना है कि इलाज के बाद लंबी अवधि की देखभाल बहुत ज़रूरी है, जिसकी उत्तरी आयरलैंड जैसे क्षेत्रों में कमी है।
22 मार्च 2026 को, उत्तरी आयरलैंड की स्वास्थ्य संवाददाता मैरी-लुईस कॉनोली ने एक चौंकाने वाली रिपोर्ट साझा की। 57 वर्षीय ट्रिश प्रॉसर ने अपनी दर्दनाक कहानी बयां करते हुए बताया कि कैसे एनल कैंसर के इलाज के छह साल बाद भी वे असहनीय पीड़ा में जी रही हैं। यह कहानी न केवल शारीरिक दर्द की है, बल्कि समाज में इस तरह के कैंसर को लेकर व्याप्त झिझक और स्टिग्मा को तोड़ने का एक प्रयास भी है।
एनल कैंसर: एक दर्दनाक व्यक्तिगत यात्रा (ट्रिश प्रॉसर की कहानी)
ट्रिश प्रॉसर, चार बच्चों की मां, ने बताया कि पेल्विक रेडियोथेरेपी ट्रीटमेंट के बाद उन्हें लगा कि उनकी मौत होने वाली है। उनकी योनि की दीवारें सिकुड़ गईं और छह साल बाद भी दर्द उनका पीछा नहीं छोड़ रहा है।
पेल्विक रेडियोथेरेपी और असहनीय दर्द
ट्रिश के अनुसार, इलाज से उबरना रिकवरी का केवल पहला चरण है, जिसमें कई लोगों को सालों लग जाते हैं। उन्होंने कहा, “शरीर पर निशान रह जाते हैं। पेल्विक रेडियोथेरेपी ट्रीटमेंट कराने वालों को आंत और वजाइना में गहरे घाव झेलने पड़ते हैं, जो बेहद दर्दनाक होते हैं।” बाहर से सामान्य दिखने वाली ट्रिश अंदर से टूट चुकी थीं।
समाज में एनल कैंसर का स्टिग्मा तोड़ना
ट्रिश को अपने प्रियजनों को अपने कैंसर के प्रकार के बारे में बताने में बहुत शर्म महसूस हुई, क्योंकि उन्हें लगा कि एनल कैंसर को लेकर समाज में एक स्टिग्मा जुड़ा हुआ है। वे कहती हैं, “लोग अपने गुप्तांगों से जुड़ी समस्याओं के बारे में बात करने में बहुत शर्म महसूस करते हैं। लेकिन मैं इस टैबू को तोड़ना चाहती हूं।” उनका यह साहसिक कदम उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है जो ऐसी बीमारियों से जूझ रहे हैं लेकिन समाज के डर से चुप्पी साधे हुए हैं।
एनल कैंसर एक दुर्लभ बीमारी है, ब्रिटेन में हर साल लगभग 1,500 मामले सामने आते हैं, जिनमें से 40-50 मामले उत्तरी आयरलैंड से होते हैं।
एनल कैंसर क्या है और इसके जोखिम कारक
एनल कैंसर मुख्य रूप से ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) के उच्च जोखिम वाले स्ट्रेन के लगातार संक्रमण के कारण होता है, जो लगभग 90 प्रतिशत मामलों के लिए जिम्मेदार है। एचपीवी एनल कैनाल में कोशिकाओं को असामान्य रूप से बढ़ने और ट्यूमर बनाने का कारण बनता है।
एचपीवी की भूमिका
अन्य महत्वपूर्ण जोखिम कारकों में कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली या अन्य स्त्री रोग संबंधी कैंसर का इतिहास शामिल है। हालांकि, एचपीवी से संक्रमित बहुत कम मरीजों को ही कैंसर होता है। इसलिए, एचपीवी टीकाकरण इस बीमारी की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। आप एनल कैंसर के बारे में अधिक जानकारी विकिपीडिया पर पढ़ सकते हैं।
क्या पेल्विक रेडियोथेरेपी इंटिमेसी को प्रभावित करती है?
एनल कैंसर के लिए पेल्विक रेडियोथेरेपी योनि के टिश्यू को लंबे समय तक नुकसान पहुंचा सकती है। इस स्थिति को अक्सर रेडिएशन-इंड्यूस्ड वेजाइनल स्टेनोसिस कहा जाता है, जिसमें ऐसे टिश्यू बन जाते हैं जिनसे योनि छोटी और शुष्क हो जाती है। इसकी वजह से टिश्यू में कट लग सकते हैं और नुकसान भी पहुंच सकता है।
रेडिएशन-इंड्यूस्ड वेजाइनल स्टेनोसिस
ट्रिश ने बताया, “मुझे पता नहीं था कि मेरी वजाइना वास्तव में आपस में चिपक गई थी और मुझे इसे फिर से ओपन करने की ज़रूरत थी, जो कि डाइलेटर या शारीरिक संबंध के माध्यम से ही संभव था। शारीरिक संबंध दर्दनाक थे।” उन्होंने अपने मज़बूत और धैर्यवान साथी मार्क सीमोर को इस मुश्किल दौर में साथ देने के लिए भाग्यशाली माना। ट्रिश और मार्क की शादी मई में होने वाली है।
इलाज के बाद लंबी अवधि की देखभाल की ज़रूरत
चिकित्सकों का कहना है कि एनल कैंसर के इलाज के बाद भी लंबे समय तक देखभाल की ज़रूरत है। रेडियोथेरेपी यूके और बेलफ़ास्ट हेल्थ एंड सोशल केयर ट्रस्ट की जीआई क्लिनिकल ऑन्कोलॉजी टीम मिलकर कैंसर के बारे में एक ऐसी चर्चा शुरू करना चाहती है जिसे सबसे कम चर्चित कैंसरों में से एक माना जाता है। उनका उद्देश्य कैंसर के दौरान और उसके बाद एक पूरी देखभाल का ज़रिया विकसित करना है। यह महत्वपूर्ण है कि उपचार के बाद के प्रभावों को गंभीरता से लिया जाए और मरीजों को उचित सहायता प्रदान की जाए।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1: ट्रिश प्रॉसर को कौन सा कैंसर हुआ था?
एनल कैंसर। ट्रिश प्रॉसर को एनल कैंसर का निदान हुआ था और उन्होंने इसके इलाज के बाद होने वाली असहनीय पीड़ा को साझा किया है।
Q2: एनल कैंसर के इलाज के बाद ट्रिश को किन प्रमुख समस्याओं का सामना करना पड़ा?
ट्रिश को पेल्विक रेडियोथेरेपी के कारण योनि संकुचन (वेजाइनल स्टेनोसिस) और छह साल बाद भी लगातार दर्द का सामना करना पड़ा। उन्हें गंभीर थकान और एनल के आसपास खुजली जैसे लक्षण भी थे।
Q3: एनल कैंसर का मुख्य कारण क्या है?
एनल कैंसर का मुख्य कारण ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) के उच्च जोखिम वाले स्ट्रेन का लगातार संक्रमण है, जो लगभग 90% मामलों के लिए जिम्मेदार है।
Q4: क्या पेल्विक रेडियोथेरेपी इंटिमेसी को प्रभावित कर सकती है?
हाँ, पेल्विक रेडियोथेरेपी योनि के टिश्यू को नुकसान पहुंचा सकती है, जिससे रेडिएशन-इंड्यूस्ड वेजाइनल स्टेनोसिस हो सकता है। इससे योनि छोटी और शुष्क हो सकती है, जिससे शारीरिक संबंध दर्दनाक हो सकते हैं।
Q5: ट्रिश प्रॉसर समाज में किस बारे में जागरूकता बढ़ाना चाहती हैं?
ट्रिश प्रॉसर समाज में एनल कैंसर से जुड़े स्टिग्मा को तोड़ना चाहती हैं और लोगों को अपने गुप्तांगों से जुड़ी समस्याओं के बारे में खुलकर बात करने के लिए प्रोत्साहित करती हैं।
Q6: एनल कैंसर के इलाज के बाद किस तरह की देखभाल की ज़रूरत होती है?
चिकित्सकों का कहना है कि एनल कैंसर के इलाज के बाद लंबे समय तक ख्याल रखने और एक पूरी देखभाल का जरिया विकसित करने की ज़रूरत होती है, क्योंकि उपचार के बाद के प्रभाव कई सालों तक बने रह सकते हैं।