आज भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ, जिससे निवेशकों को बड़ा झटका लगा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान और केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाने के बावजूद, बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी में 1.5% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, जिससे करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ। आइए जानते हैं क्या हैं इस गिरावट के मुख्य कारण।
मुख्य बिंदु
- ट्रंप के बयान से मध्य पूर्व में तनाव कम होने के बावजूद भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई।
- निवेशकों को एक ही दिन में करीब 7 लाख करोड़ रुपये का बड़ा नुकसान हुआ।
- कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं, जिससे महंगाई का खतरा बरकरार है।
- आईटी सेक्टर को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर्स में भारी बिकवाली देखी गई।
ट्रंप के बयान के बाद भी शेयर बाजार में भारी गिरावट क्यों?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान से मिडिल ईस्ट में तनाव कुछ कम हुआ है। उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने की समय सीमा बढ़ाकर 6 अप्रैल कर दी है, साथ ही यह भी कहा है कि अमेरिका अगले 10 दिनों तक ईरान के एनर्जी ठिकानों को निशाना नहीं बनाएगा। इस घोषणा के बाद कच्चे तेल के दाम में लगभग 1% की गिरावट आई है, लेकिन यह अभी भी 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ है।
बाजार को उम्मीद थी कि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से राहत मिलेगी, लेकिन वैश्विक और घरेलू कारकों के चलते ऐसा नहीं हुआ, और बाजार में तेज बिकवाली दर्ज की गई।
भारतीय शेयर बाजार का हाल: 7 लाख करोड़ का झटका
आज के सत्र में भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 1100 अंक से ज्यादा टूटकर 74160 के नीचे आ गया, जबकि निफ्टी भी 330 अंक से अधिक गिरकर 22980 पर कारोबार कर रहा था। निफ्टी बैंक में भी 1100 अंकों से अधिक की गिरावट देखने को मिली।
इस भारी बिकवाली के चलते निवेशकों को तगड़ा नुकसान उठाना पड़ा। बुधवार को बीएसई का मार्केट कैपिटलाइजेशन 431 लाख करोड़ रुपये था, जो शुक्रवार को घटकर 424 लाख करोड़ रुपये रह गया। इस तरह, निवेशकों के 7 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए।
सेक्टर-वार प्रदर्शन
बाजार में लगभग सभी सेक्टर्स में बिकवाली हावी रही। आईटी सेक्टर ही एकमात्र ऐसा सेक्टर था जिसमें थोड़ी तेजी देखने को मिली। निफ्टी ऑटो, केमिकल्स और पीएसयू बैंक जैसे सेक्टर्स में 2% से ज्यादा की गिरावट आई। मीडिया और मेटल सेक्टर्स भी भारी दबाव में कारोबार कर रहे थे।
बीएसई के टॉप 30 शेयरों में से TCS, सनफार्मा, एचसीएल टेक, इंफोसिस और भारती एयरटेल को छोड़कर बाकी 25 शेयर गिरावट पर रहे। रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में 2.77% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिसने बाजार को नीचे खींचने में सबसे ज्यादा योगदान दिया। इसके अलावा, बजाज फाइनेंस, एल एंड टी, HDFC Bank, एटर्नल, अडानी पोर्ट, कोटक महिंद्रा बैंक और मारुति सुजुकी के शेयरों में भी 2% या उससे अधिक की कमी आई।
शेयर बाजार में गिरावट के 3 प्रमुख कारण
आज भारतीय शेयर बाजार में गिरावट के कई कारण सामने आए हैं, जिन्हें समझना महत्वपूर्ण है:
1. वैश्विक बाजारों का दबाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतें
रामनवमी के मौके पर गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार बंद थे, लेकिन अन्य एशियाई और वैश्विक बाजार खुले थे। इन बाजारों में भारी गिरावट देखी गई थी, खासकर जब कच्चे तेल के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर चले गए। बुधवार को जहां कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट थी, वहीं गुरुवार को यह 100 डॉलर का स्तर पार करते हुए 107 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया था। हालांकि आज इसमें 1% की कमी आई है, फिर भी यह 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है, जिससे महंगाई बढ़ने का खतरा बना हुआ है।
2. एक्साइज ड्यूटी में कटौती का सीमित प्रभाव
केंद्र सरकार ने तेल कंपनियों को राहत देने और कीमतों को बढ़ने से रोकने के लिए पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपये तक की कटौती की है। यह कदम भले ही उपभोक्ताओं के लिए राहत भरा हो, लेकिन वैश्विक कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के सामने इसका प्रभाव सीमित दिख रहा है। निवेशकों को उम्मीद थी कि इस कदम से बाजार में सकारात्मक माहौल बनेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
3. भू-राजनीतिक अनिश्चितता का डर
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भले ही ईरान के साथ बातचीत में तेजी के संकेत दिए हों, जिससे तनाव कम होने की उम्मीद जगी, लेकिन अभी तक कोई ठोस सफलता नहीं मिली है। मध्य पूर्व में सैन्य कार्रवाई अभी भी जारी है, जिससे वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितता बनी हुई है। निवेशक ऐसे माहौल में सतर्क रहते हैं और मुनाफावसूली करना पसंद करते हैं, जिससे बाजार पर दबाव बनता है।
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(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें।)
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q: आज भारतीय शेयर बाजार में कितनी गिरावट आई?
A: आज सेंसेक्स में 1100 अंक से ज्यादा और निफ्टी में 330 अंक से ज्यादा की गिरावट आई।
Q: निवेशकों को आज कितना नुकसान हुआ?
A: निवेशकों के मार्केट कैपिटलाइजेशन में करीब 7 लाख करोड़ रुपये की कमी आई।
Q: कच्चे तेल की कीमतें अभी क्या हैं?
A: कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं, हालांकि आज इसमें 1% की गिरावट देखी गई।
Q: एक्साइज ड्यूटी में कटौती का क्या असर हुआ?
A: केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी में कटौती की है, लेकिन वैश्विक कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण बाजार पर इसका सकारात्मक प्रभाव सीमित रहा।
Q: कौन सा सेक्टर आज तेजी में रहा?
A: आज केवल आईटी सेक्टर में तेजी देखी गई, बाकी सभी सेक्टर्स में बिकवाली हावी रही।
Q: शेयर बाजार में गिरावट का मुख्य कारण क्या है?
A: वैश्विक बाजारों का दबाव, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, और भू-राजनीतिक अनिश्चितता गिरावट के मुख्य कारण हैं।