2026 में शेयर बाजार: अनुज सिंघल की चेतावनी, अब पैसा बचाना है जरूरी!

2026 में शेयर बाजार में जारी भारी उतार-चढ़ाव के बीच, एक महत्वपूर्ण सलाह सामने आई है जो हर निवेशक के लिए जरूरी है। CNBC आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने साफ संदेश दिया है कि अभी मुनाफा कमाना महत्वपूर्ण नहीं, बल्कि पैसा बचाना सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। बाजार में अनिश्चितता का स्तर बेहद ऊंचा है, और ऐसे समय में आक्रामक निवेश की बजाय सतर्क रहना ही समझदारी है।

मुख्य बिंदु

  • अनुज सिंघल की सलाह: मुनाफा कमाने से ज्यादा अभी पैसा बचाना जरूरी है, क्योंकि बाजार में अनिश्चितता बहुत ज्यादा है।
  • कच्चे तेल की कीमतें (ब्रेंट क्रूड $115 के पार) और वेस्ट एशिया का भू-राजनीतिक तनाव बाजार पर सबसे बड़ा दबाव है।
  • विदेशी निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली और RBI के नए फॉरेक्स एक्सपोजर नियमों से बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।
  • निवेशकों को खराब शेयरों में एवरेजिंग करने और अच्छे शेयरों को घबराहट में बेचने से बचना चाहिए।

अनिश्चित बाजार में अनुज सिंघल की अहम सलाह

बाजार की मौजूदा स्थिति को देखते हुए, अनुज सिंघल का नजरिया पूरी तरह से सतर्कता पर केंद्रित है। उनका मानना है कि मौजूदा निवेश रणनीति सही साबित हो रही है। उन्होंने गुरुवार को आई बाजार की रैली में भी निवेशकों को बाहर निकलने की सलाह दी थी, क्योंकि उन्हें आशंका थी कि बाजार का निचला स्तर दोबारा टेस्ट हो सकता है।

शेयर बाजार में निवेश

यह सलाह उन नए निवेशकों के लिए खासकर महत्वपूर्ण है जिन्होंने कोविड के बाद आई तेजी में बाजार में कदम रखा था और अब पहली बार इतनी बड़ी गिरावट देख रहे हैं। कई पोर्टफोलियो 40-70% तक गिर चुके हैं, जिससे घबराहट का माहौल है।

बाजार पर दबाव बनाने वाले प्रमुख कारक

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और वेस्ट एशिया का तनाव

वर्तमान में शेयर बाजार पर सबसे बड़ा दबाव कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वेस्ट एशिया में जारी तनाव का है। ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध अब पांचवें हफ्ते में पहुंच चुका है, और स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। यमन के हूती विद्रोहियों के शामिल होने से बाब एल-मंडेब (Bab el-Mandeb) जैसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते पर भी खतरा बढ़ गया है, जिससे वैश्विक व्यापार प्रभावित हो रहा है।

ब्रेंट क्रूड $115 के पार पहुंच चुका है, जो जुलाई 2022 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। ब्रोकरेज मैक्वेरी ने तो चेतावनी दी है कि अगर क्रूड $200 तक गया, तो निफ्टी के लिए 20,000 का स्तर बचाना भी मुश्किल हो सकता है। यह एक गंभीर स्थिति है जो वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गहरा असर डाल सकती है। कच्चे तेल के बारे में और जानें।

विदेशी निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली

विदेशी निवेशकों (FIIs) का रुख भी बाजार के लिए बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है। शुक्रवार को FIIs ने कैश और फ्यूचर्स सेगमेंट को मिलाकर ₹14,000 करोड़ से ज्यादा की जोरदार बिकवाली की। हालांकि बीच में दो दिन बिकवाली थोड़ी कम हुई थी, लेकिन फिर से आई इस भारी सेलिंग ने बाजार की कमजोरी को उजागर कर दिया है। यह लगातार बिकवाली भारतीय बाजार पर दबाव बनाए हुए है।

RBI का फॉरेक्स एक्सपोजर पर नया नियम

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकों के फॉरेक्स एक्सपोजर पर $100 मिलियन का कैप लगाया है, जिससे बैंकों को अपनी पोजिशन घटानी होगी। इस फैसले से रुपये में कुछ मजबूती आ सकती है, और यह 93/$ तक की रिकवरी संभव बना सकता है।

हालांकि, इस फैसले के साथ एक बड़ा जोखिम भी जुड़ा है। बैंकों को करीब $40 बिलियन की पोजिशन अनवाइंड करनी पड़ सकती है, जिससे शॉर्ट टर्म में उन्हें नुकसान का खतरा है। विशेष रूप से SBI जैसे बड़े बैंकों पर इसका दबाव बढ़ सकता है, जो उनके वित्तीय प्रदर्शन को प्रभावित कर सकता है।

निवेशकों के लिए क्या करें और क्या न करें?

पोर्टफोलियो बचाने के उपाय

मौजूदा बाजार की स्थिति में निवेशकों को बहुत संभलकर चलने की जरूरत है। निफ्टी अपने उच्चतम स्तर से करीब 13.5% और बैंक निफ्टी 15% नीचे आ चुका है।

  • खराब शेयरों में एवरेजिंग की गलती न करें: जो शेयर पहले से कमजोर हैं, उनमें और पैसा लगाकर अपनी औसत लागत कम करने की कोशिश न करें।
  • अच्छे शेयरों को घबराहट में न बेचें: जिन कंपनियों के फंडामेंटल्स मजबूत हैं, उनके शेयरों को केवल बाजार की गिरावट देखकर न बेचें। लंबी अवधि के लिए ऐसे शेयर फायदेमंद हो सकते हैं।
  • अगर हिम्मत है तो धीरे-धीरे निफ्टी ETF में निवेश करें: यदि आप बाजार में बने रहना चाहते हैं और जोखिम लेने को तैयार हैं, तो धीरे-धीरे निफ्टी ईटीएफ (ETF) में निवेश कर सकते हैं। हालांकि, यह याद रखें कि गिरावट अभी जारी रह सकती है।

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मौजूदा बाजार ट्रेंड और ट्रेडिंग रणनीति

बाजार का बड़ा ट्रेंड अभी भी कमजोर बना हुआ है। अनुज सिंघल का सुझाव है कि जहां भी बाजार में रैली फेल हो, वहां शॉर्ट सेलिंग का नजरिया रखना चाहिए।

निफ्टी के अहम स्तर

  • सपोर्ट: 22,550–22,600
  • बड़ा सपोर्ट: 22,450–22,500
  • अगर 22,471 का स्तर टूटा, तो गिरावट और तेज हो सकती है।
  • रजिस्टेंस: 22,800–23,050
  • अगर क्रूड में गिरावट नहीं आई, तो निफ्टी 21,000–21,500 तक भी जा सकता है।

बैंक निफ्टी पर खास नजर

बैंक निफ्टी में 50,000 का स्तर बेहद अहम है। इसके टूटने पर 49,000 तक गिरावट का रास्ता खुल सकता है। हालांकि, बीच-बीच में तेज रैलियां भी आएंगी, लेकिन उन्हें बेचने के मौके के तौर पर देखना चाहिए।

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FAQs

Q1: अनुज सिंघल ने 2026 के शेयर बाजार के लिए क्या मुख्य सलाह दी है?

अनुज सिंघल ने सलाह दी है कि 2026 में शेयर बाजार की मौजूदा अनिश्चितता को देखते हुए, निवेशकों को मुनाफा कमाने की बजाय पैसा बचाने पर ध्यान देना चाहिए।

Q2: शेयर बाजार पर इस समय सबसे बड़ा दबाव किन कारकों का है?

इस समय शेयर बाजार पर सबसे बड़ा दबाव कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वेस्ट एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव (ईरान-अमेरिका युद्ध) का है।

Q3: FIIs की बिकवाली का भारतीय बाजार पर क्या असर पड़ रहा है?

विदेशी निवेशकों (FIIs) की लगातार और भारी बिकवाली से भारतीय शेयर बाजार कमजोर हुआ है और इसमें अस्थिरता बढ़ी है, जिससे नीचे के स्तरों का परीक्षण हो रहा है।

Q4: RBI के नए फॉरेक्स एक्सपोजर नियम का बैंकों और रुपये पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

RBI के $100 मिलियन के कैप से रुपये में मजबूती आ सकती है, लेकिन बैंकों को $40 बिलियन की पोजिशन अनवाइंड करनी पड़ सकती है, जिससे उन्हें शॉर्ट टर्म नुकसान का खतरा है।

Q5: निवेशकों को खराब शेयरों में एवरेजिंग क्यों नहीं करनी चाहिए?

खराब शेयरों में एवरेजिंग करने से पोर्टफोलियो में नुकसान और बढ़ सकता है, क्योंकि ऐसे शेयरों का प्रदर्शन बाजार की गिरावट में और खराब होने की संभावना होती है।

Q6: अगर क्रूड की कीमतें बढ़ती रहीं तो निफ्टी कहां तक जा सकता है?

अगर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट नहीं आती है और वे उच्च स्तर पर बनी रहती हैं, तो विशेषज्ञों का मानना है कि निफ्टी 21,000–21,500 तक भी जा सकता है।

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