
आसमान में एक नया धूमकेतु तेजी से सूरज की ओर बढ़ रहा है। वैज्ञानिक इस पर टकटकी लगाए हुए हैं।
यह है C/2026 A1 MAPS धूमकेतु, जिसे जनवरी 2026 में खोजा गया था। यह 'सनग्रेजिंग' श्रेणी का है।
'सनग्रेजिंग' का मतलब है कि यह सूरज के बेहद करीब से गुजरेगा। यह खगोलविदों के लिए दुर्लभ घटना है।
4 अप्रैल 2026 को यह अपने सफर के सबसे खतरनाक पड़ाव पर होगा, जब सूरज के सबसे निकट पहुंचेगा।
यह सूरज की सतह से महज 1,60,000 किलोमीटर ऊपर होगा। अंतरिक्ष के हिसाब से यह दूरी बहुत कम है!
यह सौर कोरोना में प्रवेश करेगा, जहाँ तापमान लाखों डिग्री तक होता है। अधिकांश धूमकेतु टूट जाते हैं।
इसका नाम 'MAPS' चार खोजकर्ताओं - मौरी, अटार्ड, पैरट और सिग्नोरिट के नामों से बना है।
यह क्रूट्ज़ समूह का हिस्सा है, जो 362 ईसा पूर्व के एक विशाल धूमकेतु के टूटने से बना माना जाता है।
अगर यह सूरज से बच गया, तो शाम के आकाश में अचानक बहुत तेज चमक के साथ दिख सकता है!
नासा और ईएसए का 'सोहो' सैटेलाइट इसे लगातार ट्रैक करेगा। डेटा का बेसब्री से इंतजार है।
क्या यह 'मौत का धूमकेतु' सूरज की चुनौती झेल पाएगा? 4 अप्रैल का दिन इसका भविष्य तय करेगा!